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देवशयनी-एकादशी

देवशयनी एकादशी | Devshayani Ekadashi

आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी व्रत किया जाता है।  सनातन धर्म में इस एकादशी का काफी महत्व माना जाता है क्योंकि आज से भगवान विष्णु क्षीर सागर की अनंत शय्या पर गहरी निद्रा में चले जाते हैं।  इसके बाद कार्तिक मास की एकादशी तिथि तक को भगवान विष्णु योगनिद्रा […]

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Laxmi ji 1008 names

1008 Names of Mata Lakshmi | लक्ष्मी जी के 1008 नाम

लक्ष्मी जी के 1008 नाम – मंत्र और अर्थ के साथ | Lakshmi Mata 1008 names Lyrics with mantra and meaning –  No Sanskrit Name English Name मंत्र (Mantra) Meaning in English 1 नित्यागता Nityagata ॐ नित्यागतायै नमः। The Goddess Who keeps on Traveling 2 अनन्तनित्या Anantanitya ॐ अनन्तनित्यायै नमः। The Goddess Who is Endless

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Laxmi ji 1008 names

लक्ष्मी जी के 108 नाम – अर्थ के साथ

मां लक्ष्मी के 108 नामों का प्रतिदिन जप करने से धन-धान्य, सुख-संपत्ति, वैभव, कीर्ति, ऐश्वर्य, सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है।  1. प्रकृति –  प्रकृति 2. विकृति – दो रूपी प्रकृति3. विद्या  – बुद्धिमत्ता 4. सर्वभूतहितप्रदा- ऐसा व्यक्ति जो संसार के सारे सुख दे सके  5. श्रद्धा- जिसकी पूजा होती है  6. विभूति-धन की देवी

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गणेश जी की आरती

Ganesh Ji Aarti | गणेश जी की आरती

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।। एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी।  पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।।  जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।। अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,बांझन को पुत्र देत, निर्धन

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Laxmi ji ki aarti

Laxmi ji Ki Aarti | लक्ष्मी जी की आरती

श्लोक: महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि । हरि प्रिये नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥ पद्मालये नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं च सर्वदे । सर्वभूत हितार्थाय,वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥ ॐ जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निसदिन सेवत,हर विष्णु विधाता ॥ ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥ उमा, रमा, ब्रम्हाणी,तुम ही जग माता । सूर्य चद्रंमा ध्यावत,नारद ऋषि गाता ॥ ॥ॐ जय लक्ष्मी

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Dipawali or Diwali

दीपावली या दिवाली क्या सही है?

दीपावली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के दो शब्दों ‘दीप’ अर्थात ‘दिया’ व ‘आवली’ अर्थात ‘लाइन’ या ‘श्रृंखला’ के मिश्रण से हुई है। कुछ लोग “दीपावली” तो कुछ “दिपावली” ; वही कुछ लोग “दिवाली” तो कुछ लोग “दीवाली” का प्रयोग करते है । यहाँ यह जान लेना जरूरी है कि प्रत्येक शुद्ध शब्द का प्रयोग उसके अर्थ पर निर्भर

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दिवाली पर मां लक्ष्मी के साथ मां सरस्वती और गणेश जी की पूजा क्यों होती है?

दीप पर्व पर जिस सुख-समृद्धि की कामना की जाती है, वह लक्ष्मी, सरस्वती और गणेश के साथ होने पर ही संभव है। लक्ष्मी जी धन की देवी है, सरस्वती ज्ञान की देवी हैं, और गणपति बुद्धि के देवता। साथ ही लक्ष्मी जी चंचला है | इसीलिए कहा जाता है कि मां लक्ष्मी के घर आने

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दीपावली पर दिए क्यों लगाए जाते हैं।

दीपावली पर दिए क्यों लगाए जाते हैं।

दीप जलाने की प्रथा के पीछे अलग-अलग कारण या कहानियाँ हैं। राम भक्तों के अनुसार दीवाली वाले दिन अयोध्या के राजा राम लंका के अत्याचारी राजा रावण का वध करके अयोध्या लौटे थे। भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के स्वागत के लिए पूरा अयोध्या शहर सजाया गया था। लोगों ने अपने राजा का स्वागत करने के लिए शहर को

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क्यों की जाति है दीपावली पर माता लक्ष्मी की पूजा?

क्यों की जाति है दीपावली पर माता लक्ष्मी की पूजा?

क्यों की जाति है दीपावली पर माता लक्ष्मी की पूजा? कार्तिक आमावस्या (दीपावली) के दिन सुमद्र मंथन के दौरान महालक्ष्मी का जन्मदिन होने के कारण दीपावली को मां लक्ष्मी की पूजा की जाति है। जाने पुरी कहानी – युगो पुरानी बात है। जब समुद्र मंथन नही हुआ था।  उस दौरान देवता और राक्षसों के बीच

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Roop Choudas | Choti Diwali | Narak cahturdashi

रूप चौदस महत्व

रूप चौदस महत्व छोटी दिवाली हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्यौहार है। इस पर्व को कृष्ण पक्ष के 14वें दिन कार्तिक के विक्रम संवत में मनाया जाता है। इसे नरक चौदस, रूप चौदस, या काली चौदस भी कहा जाता है। साथ ही यह 14वें दिन आती है तो इसे चतुर्दशी भी कहा जाता है। क्यों

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